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गांव के सामुदायिक रेडियो पर बनी वेब सीरीज़ 'चौपाल' बनी चर्चा का विषय, दूसरे सीज़न की घोषणा

एक काल्पनिक गांव के रेडियो स्टेशन और उसे चलाने वाले रिटायर्ड डाकिये व किशोरों की हल्की-फुल्की कहानी दर्शकों को ख़ूब पसंद आई। दूसरे सीज़न की शूटिंग अगले साल शुरू होगी।

स्पॉटलाइट में फ़िल्म क्लैपरबोर्ड का चित्रण
फ़ोटो: चित्रण: Watchgong समाचार (सिंथेटिक)

एक काल्पनिक गांव 'बड़कापुर' के सामुदायिक रेडियो स्टेशन पर बनी वेब सीरीज़ 'चौपाल' इन दिनों दर्शकों के बीच ख़ूब चर्चा में है। आठ एपिसोड की इस सीरीज़ को निर्माताओं ने पहले महीने में ही दूसरे सीज़न के लिए हरी झंडी दे दी है।

कहानी एक रिटायर्ड डाकिये की है, जो स्कूल के तीन किशोरों के साथ मिलकर डाकघर के पुराने कमरे से गांव का रेडियो स्टेशन चलाता है। गुमशुदा बकरी की सूचना से लेकर मंडी के भाव और फ़रमाइशी गीतों तक, हर एपिसोड में रेडियो किसी न किसी उलझन के बीच आ जाता है। कहानी में कोई बड़ा खलनायक नहीं, बल्कि गांव के आम लोग और उनकी छोटी-बड़ी ख़्वाहिशें हैं।

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