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राज्य मौसम केंद्र के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव क़रीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके अगले 24 घंटे में ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट के बीच कहीं तट पार करने की संभावना है।
राज्य मौसम केंद्र की निदेशक डॉ. सुनीता राव ने कहा, "यह मौसम के आख़िर में बना सिस्टम है, लेकिन इसमें नमी बहुत है। असली ख़तरा हवा से ज़्यादा उस बारिश का है जो कम समय में पहले से भीगी ज़मीन पर गिरेगी।"
क्या होने की आशंका है
- अगले 48 घंटे में छह तटीय ज़िलों में बहुत भारी बारिश, कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश।
- तट के आसपास 50-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं, झोंकों में 70 किमी प्रति घंटे तक।
- समुद्र में ऊंची लहरें। मछुआरों से अगले आदेश तक समुद्र में न जाने को कहा गया है।
- शहरों के निचले इलाक़ों में जलभराव और पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन की आशंका।
स्कूल, ट्रेनें और राहत शिविर
ज़िला प्रशासन ने तटीय इलाक़ों में कल स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर तटीय लाइन की दो पैसेंजर ट्रेनें बीच में ही रोकी जा रही हैं और आगे और बदलाव हो सकते हैं।
स्कूलों और सामुदायिक भवनों में 300 से ज़्यादा राहत शिविर खोले गए हैं, जहां पीने का पानी, सूखा राशन और दवाएं रखी गई हैं। जिन चार ज़िलों में सबसे ज़्यादा बारिश की आशंका है, वहां आपदा राहत दल तैनात कर दिए गए हैं।
अगर आप कच्चे मकान में या नदी किनारे रहते हैं, तो समय रहते शिविर में चले जाएं। पानी बढ़ने का इंतज़ार न करें।
सुरक्षित कैसे रहें
फ़ोन चार्ज रखें, पीने का पानी और ज़रूरी काग़ज़ सूखी जगह पर रखें, पानी भरी सड़कें पार न करें और गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहें। जानकारी के लिए सिर्फ़ सरकारी अलर्ट और ज़िला हेल्पलाइन पर भरोसा करें। बारिश थमने के बाद भी नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।

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